समतुकांत शब्द

एक शब्द के समान तुकांत को समतुकांत कहा जाता है। तुकांत वे शब्द होते हैं जो प्रायः कविता की पंक्तियों के अंत में लिखें जाते हैं, जैसे आकार, आभार, श्रृंगार इत्यदि |कविताएँ लिखने में समतुकांत शब्द एक बड़ी भूमिका निभाते है, इन शब्दों की जानकारी होने पर अपने आप कविता को गति मिल जाती है और रचनाकारों/कलमकारों की कलम तेजी से दौड़ने लगती है |

अ से अंत होने वाले शब्द

| क, ख, ग, घ, च, छ, ज, झ, ट, ठ, ड, ढ, ण, त, थ, द, ध, न, प, फ, ब, भ, म, य, र, ल, व, श, ष, स, ह, क्ष, ज्ञ |

अ-से-अंत-होने-वाले-शब्द

से अंत होने वाले शब्द

| का, खा, गा, घा, चा, छा, जा, झा, टा, ठा, डा, ढा, णा, ता, था, दा, धा, ना, पा, फा, बा, भा, मा, या, रा, ला, वा, शा, षा, सा, हा, क्षा, ज्ञा |

आ-से-अंत-वाले-शब्द

इ से अंत होने वाले शब्द

| कि, खि, चि, टि, णि, ति, थि, दि, धि, नि, पि, मि, रि, लि, वि, शि, षि |

इ-से-अंत-वाले-शब्द

ई से अंत होने वाले शब्द

| की, खी, गी, घी, ची, छी, जी, झी, टी, ठी, डी, ढी, णी, ती, थी, दी, धी, नी, पी, फी, बी, मी, यी, री, ली, वी, शी, षी, सी, ही, क्षी, ज्ञी, ई |

ई-से-अंत-वाले-शब्द

अन्य