सन्दीप चौबारा

फतेहाबाद, हरियाणा |

– औरत का प्यार –

वह एक से नहीं, सब से कर सकती है,
सबको दे सकती है, खुशी का अहसास।

अपने पति को भी, अपने बच्चों को भी,
अपने प्रेमी को भी, अपने आस पास के,
सब पशु पक्षियों से भी, कर सकती है वह, सबसे समान प्यार।|

धूप में छाँव का, रात में दिन का,
कांटों में फूल का, मौसम में बहार का।

दर्द में खुशी का, बेचैनी में करार का,
घृणा में प्रेम का, तन्हाई में मिलन का,
दिलाता है एक, मीठा सा अहसास, एक औरत का प्यार।। …………………………. १९ जुलाई २०१९ |