रोहित कुमार यादव ‘आजमगढ़ी’

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जीवन परिचय: रोहित कुमार यादव ‘आजमगढ़ी’ एक गीतकार, कवि एवं पटकथा लेखक हैं | रोहित कुमार यादव का जन्म 5 जनवरी 1976 को ग्राम बेन्दुई जिला आजमगढ़ उत्तर प्रदेश में हुआ था। पिता का नाम राम कुबेर यादव व माता का नाम श्रीमती प्रभावती देवी था।पिता जहां साधारण किसान थे मां वहीं प्राथमिक विद्यालय में शिक्षिका थी।इनकी प्रारंभिक शिक्षा ग्रामीण अंचल के स्कूलों में हुई।स्नातक की शिक्षा गांधी शताब्दी स्मारक स्नातकोत्तर महाविद्यालय कोयलसा,आजमगढ़ से ग्रहण करने के पश्चात आगे की उच्च शिक्षा व प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के उद्देश्य से प्रयागराज(इलाहाबाद)गए।और एम,ए.हिन्दी साहित्य से तथा बी.एड्.व यू.जी.सी.नेट की योग्यता हासिल की।
मां की प्रेरणा से साहित्य एवं कला में रुचि उत्पन्न होने के कारण कालेज के दिनों में ही वाद विवाद प्रतियोगिता, निबंध प्रतियोगिता, भाषण प्रतियोगिता,गीत ,कविता पाठ,आदि में भाग लेकर अपनी प्रतिभा का परिचय देते थे।क्षेत्रीय प्रचार निदेशालय भारत सरकार द्वारा निबंध प्रतियोगिता में रजत पदक व प्रमाण पत्र भी प्राप्त हुआ है। विलक्षण प्रतिभा के धनी रोहित कुमार यादव आजमगढ़ी ने सिविल सेवा आईएएस की मुख्य परीक्षा वर्ष 2006,2007,व 2008 में दी थी। उ.प्र.पी.सी.एस. की भी मुख्य परीक्षा में भी कई बार शामिल हुए।इसके अलावा दो दर्जन से अधिक विभिन्न परीक्षाओं में प्रा.से अंतिम चरण तक शामिल हुए लेकिन दुर्भाग्य वश अंतिम रूप से सफलता हासिल नहीं हो पाई।फिलहाल संघर्ष जारी है। गीतकार कवि व पटकथा लेखक के रुप मे फिल्म क्राफ्ट फेडरेशन आफ मुम्बई द्वारा रजि.रोहित कुमार आजमगढ़ी ने हिन्दी व भोजपुरी में दो सौ से अधिक गीत ,गजल व कविता लिखे हैं जो विभिन्न पत्र पत्रिकाओं में छपे हैं।
सम्प्रति इलाहाबाद(प्रयागराज)में रहकर साहित्य सेवा व प्रतियोगी परीक्षाओँ की तैयारी कर रहे हैं।
सम्पर्क:8318837612, 9454502876

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मां का आंचल

हे !मां आशीष दो हमें ऐसा,
आज जीवन सफल मेरा हो मां।
दूर अज्ञान हो इस जहां से,
ज्ञान की रोशनी जग में हो
मां।
उठ रही है मेरे मन में हलचल
डाल दो तन पे ममता का आंचल।
मां की शक्ति से बढ़कर न दूजा
मां सदा हम करें तेरी पूजा।
फूल श्रद्धा के तुमको समर्पित,
मेरा सिर तेरे चरणों में हो मां।
हे!मां आशीष……….।
तेरे कदमों की मां सुनके आहट
खिलती चेहरे पे यूं मुस्कुराहट।
तृप्त होने का आया है अवसर
मां तेरा जग में ऐसा असर।
मेरे जीवन में ऐसी खुशी दो
भूलकर भी कोई गम न हो मां।
हे!मां आशीष दो हमें ऐसा
आज जीवन सफल मेरा हो मां।

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गीत-शान-ए-तिरंगा

ज्ञान ज्योति का दीप जलाकर,
जग में नाम कमाएंगे।
आज तिरंगा इस दुनिया मे,
शान से हम लहराएंगे।।
विज्ञान ज्ञान का पुण्य निकेतन
सत्य अहिंसा का हो चिंतन
स्वच्छ रखें सब अपना तन मन
सफल आज हो अपना जीवन।
कर्मोंके प्रति लक्ष्य समर्पित कर
परिणाम दिखाएंगे।
आज तिरंगा…………….।
कभी न सीखा हमने झुकना
कभी न सीखा डरके रुकना
कदम-कदम हम चले बढ़ाकर
कभी न सीखा पीछे मुड़ना।
मां भारत के अमर सपूतों की
गाथा हम गाएंगे।
आज तिरंगा————–।
बच्चे सब भविष्य हैं कल के
ज्योति पुंज सब इनमें झलके
रोहित कभी जो आंसू छलके
आंसू बने पसीना चलके।
आतंकवाद अलगाववाद सब
मिलकर जड़ से मिटाएंगे।
आज तिरंगा इस दुनिया में
शान से हम लहराएंगे।।