रचनाकार विनय कुमार यादव

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जीवन परिचय: रचनाकार विनय कुमार यादव शिकोहाबाद जिला फिरोजाबाद (ग्राम नगला चन्दा) उत्तर प्रदेश के रहने वाले हैं | इनके पिता स्व राज कुमार यादव एवं श्रीमती कुसुम लता| विनय जी प्रा वि गोसाइनपुरवा प्रथम रमियाबेहड़ जिला लखीमपुर खीरी में अध्यापन का कार्य करते हैं | इनकी रचनाएं मुख्यतः दोहा, चोपाई, आल्हा, मुक्तक हैं ।

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कुण्डलिया

आओ माँ वागेश्वरी , बैठ सवारी हंस।
बुद्धिहीन गुणहीन को , कहदो अपना अंस।।
कहदो अपना अंस , माँ तेरा क्या घटेगा।
जहाँ तक है जहान , पुत्र का मान बढ़ेगा।
कहे ‘विनय’ सुन माँत , शास्त्र का ज्ञान कराओ।
‘राघव’ ‘माधव’ ‘बुद्ध’ , ‘कबीर’ लिखूँ माँ आओ।।

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दोहा–पहेली

वाहन ऐसा भी बना , फेल हुई विज्ञान।
आधा रचता आदमी , आधे को भगवान।।१

लम्बी लम्बी लाठियां , खाता है इंसान।
सारी हैं वो रस भरीं , पैदा करे किसान।।२

बिना वुलाबा आ रहे , पीते जमकर खून।
भन्न-भन्न संगीत की , बहुत सुनाते ट्यून।।३

उत्तर– १बैलगाड़ी, २गन्ना, ३मच्छर।

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