रचनाकार मधु तिवारी

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जीवन परिचय: रचनाकार मधु तिवारी पेशे से एक शिक्षिका हैं छत्तीसगढ़ कोंडागाँव ज़िले में निवास करती हैं |

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“योग जीवन का आधार”

योग है जीवन का आधार
योग बिना जीवन बेकार ।
जो करता इसको अनसुना
उसका दूभर होता जीना ।
योग सिखाये अनुसाशन
योग मिटाये जड़ से रोग ।
पास नहीं आती बीमारी
योग पड़े है सब पे भारी ।
करते हैं जो रोज योग
गंगू तेली या राजाभोज ।
जीवन हो जाता सफल
अपनाता जो रोज योग ।
कपालभारती करके
प्रबल बने मस्तिष्क ।
अनुलोमविलोम से
पुलकित रोम-रोम ।
पद्मासन या चक्रासन
स्वस्थ करे तन-मन ।
योग की है अदभुत माया
जिसने है योग अपनाया ।
दुर्गुण सारे दूर हो गए
मिली उसे निरोगी काया।
योग भारत का मान बढ़ाया
विश्व पटल परचम फहराया।
केवल योगदिवस ना मनाये
योग को दिल से अपनाये ।
खुद को स्वस्थ रखकर
औरों को भी राह दिखाएँ ।
योग जीवन में अपनाये
योग जीवन में अपनाये।।