रचनाकार प्रकाश कुमार खोवाल

हिंदी साहित्य सेवा डॉट कॉम
हिंदी साहित्य सेवा मंच – सेवा हिंदी साहित्य की
www.hindisahityaseva.com

जीवन परिचय: रचनाकार प्रकाश कुमार खोवाल जी एक अध्यापक के पद पर कार्यरत हैं (शिक्षा विभाग राजस्थान)| वर्तमान में पुरोहित का बास, पिपराली जिला सीकर राजस्थान में रहते हैं |

——————————————————

आओ योग करें हम

आओ हम सब नित्य उठकर योग करें शौक से
जैसे जन्में महर्षि पतंजलि भारत मां की कोख से
आज पूरी दुनिया लाभान्वित हुई है अपने योग से
आओ हम सब नित्य उठकर योग करें शौक से ।।

जो करता है प्रतिदिन योग और प्राणायाम मन से
उसने जीवन में अपने खुशियां ही खुशियां पाई है
समझ जाओ तुम सब इसमें ही हमारी भलाई है
आओ हम सब नित्य उठकर योग करें शौक से ।।

एक अनोखी खोज मुनियों ने तपस्या से पाई है
जिसे योग के नाम से दुनिया में पहचान दिलाई है
योग अब हमारे लिए एक दुर्लभ रामबाण दवाई हैं
आओ हम सब नित्य उठकर योग करें शौक से ।।

मंजिल की दूरी देख रास्तों को ठुकराना रोग है
अपने हौसलों के दम पर मंजिल पाना योग है
शरीर की स्फूर्ति और वीरों की शक्ति है योग से
आओ हम सब नित्य उठकर योग करें शौक से ।।

ज्यादा नहीं एक कदम योग की तरफ बढ़ाना है
स्वच्छ स्वस्थ सुंदर सुखमय जीवन को बनाना है
आज विश्व योग दिवस पर हम सब ले संकल्प
आओ हम सब नित्य उठकर योग करें शौक से।।