रचनाकार दीपिका डकहा

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जीवन परिचय:

नाम – दीपिका डकहा
शिक्षा – एम.ए.(अर्थशास्त्र)
कार्य – गृहणी

साहित्यिक जानकारी – कविता,गजल, मुक्तक लेखन।
साझा संकलन- कविता
कलम,मजदूर,जीत हमारी होगी,सन्नाटा,आराधना शक्ति की।

सम्मान – नए पल्लव प्रकाशन द्वारा कविता प्रतियोगिता में द्वितीय स्थान का सम्मान पत्र,स्टोरी मिरर द्वारा women write now season-2 में लेखन का सम्मान पत्र,अमर उजाला काव्य में रचना प्रकाशित, दैनिक भास्कर अखबार मे रचना प्रकाशित।
पता – जबलपुर मध्यप्रदेश

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“आओ योग करें”

काया है अनमोल इसे निरोग करें,
प्राणवायु के कण-कण का भोग करें,
भोर की अमृत बेला में हम उठ बैठें,
आओ सब मिल जुल कर योग करें।

प्राणायाम से मुखमंडल पर ओज भरें,
मन के संतापों का अब न शोक करें,
तन-मन में ऊर्जा का करने संचार,
आओ सब मिल जुल कर योग करें।

भारत की प्राचीन विधि का प्रयोग करें,
भयंकर व्याधियों के सब दूर प्रकोप करें,
जन-जन को ज्ञान सुधा के रस से सींचे,
आओ सब मिल जुल कर योग करें।

जीवन भर की पूंजी का न लोप करें,
नियम से नित अनुलोम-विलोम करें,
निशुल्क उपहार है ये प्रकृति प्रदत्त,
आओ सब मिल जुल कर योग करें।

रोगों के समूल नाश में सहयोग करें,
स्वस्थ-सुखी जीवन का संजोग करें,
ध्यान में रखते हुए इनके लाभों को,
आओ सब मिल जुल कर योग करें।