काव्यसृजन का आनलाईन साहित्यिक डबल धमाका

रा.साहित्यिक सामाजिक व सांस्कृतिक संस्था काव्यसृजन द्वारा अखिल भारतीय काव्य गोष्ठी दिनाँक-४-१०-२०२० दिन रविवार को ९१वीं मासिक ७वीं विडियो द्वारा व दूसरी गूगल मीट पर लाईव शाम ६ बजे से ९ बजे रात्रि तक दो दो साहित्यिक आयोजन आनलाईन बड़ी ही सफलतापूर्वक सम्पन्न हुआ|जहाँ पहले आयोजन में देश भर के सुप्रसिद्ध कवि कवयित्रियों ने अपनी बेहतरीन समसायिक गीत गजल कविता की विडियो बनाकर विडियो द्वारा काव्य गोष्ठी में अपनी दमदार उपस्थित दर्ज की|
इस विडियो आनलाईन काव्यगोष्ठी में अपनी रचना के साथ उपस्थित होने वाले कवि कवयित्री निम्नवत हैं|अभय चौरसिया,अरुण मिश्र अनुरागी,रेखा तिवारी,डॉ शैलबाला अग्रवाल,वीरेंद्र यादव,अवधेश यदुवंशी,डॉ रश्मि नायर,भास्कर सिंह,डॉ विभा माधवी,मंजू गुप्ता,मिल्टन राय रहबर,किसन तिवारी,अरविंद श्रीवास्तव असीम,सुमन प्रभा,प्रज्ञा राय,अरुण दुबे,श्रीधर मिश्र,मिथिलेश गुप्त हर्ष,जयंती सेन मीणा,डॉ रामनाथ राना,संगीता पांडेय,प्रमोद कुमार कुश “तन्हा”,पूनम शर्मा,विनय दीप शर्मा,सौरभ दत्ता जयंत,कु.स्नेहल यादव,पं.शिव प्रकाश जौनपुरी,डॉ जे पी बघेल,गोपाल गुप्ता दहली,रश्मिलता मिश्रा,मनोज श्रीवास्तव,पंकज तिवारी,लालबहादुर यादव “कमल”आदि रहे|
इसकी अध्यक्षता संस्था के सचिव आदरणीय लालबहादुर यादव कमल सर जी ने की,और संचालन दिल्ली ईकाई के अध्यक्ष पंकज तिवारी जी ने बड़े ही सुन्दर व सफलतापूर्वक निभाई|अपने अध्यक्षीय उद्बोधन में आदरणीय लालबहादुर जी ने सभी कवि कवयित्रियों की रचनाओं पर संक्षिप्त प्रकाश डालते हुए सबका उत्साहवर्धन किया|अंत में संस्था के उप सचिव अवधेश यदुवंशी जी ने सभी का संस्था के आयोजन में भाग लेने के लिए हृदयतल की गहराइयों आभार व्यक्त किया,व सहयोग बनाये रखने की अपील भी की|
वहीं दूसरी तरफ शाम छ बजे से गूगल मीट पर लाईव आयोजन में डॉ श्रीहरि वाणी जी की अध्यक्षता,प्रा.अंजनी कुमार द्विवेदी जी के संचालन,मुख्य अतिथि आदरणीय सागर त्रिपाठी,प्रमोद कुमार कुश तन्हा,हौंसिला प्रसाद अन्वषी जी की दमदार उपस्थिति में एक बहुत ही शानदार कवि गोष्ठी सम्पन्न हुई|
जिसमें भाग लेने वाले कवि कवयित्री पं.शिवप्रकाश जौनपुरी,सौरभ दत्ता जयंत,बीरेन्द्र कुमार यादव,जयंती सेन मीणा,डॉ वर्षा सिंह,नीलिमा दूबे,पाण्डेय,संगीता पाण्डेय,सागर त्रिपाठी,प्रमोद कुमार कुश तन्हा,निर्मल नदीम, हौसिला प्रसाद अन्वेषी,डॉ मृदुला तिवारी,विनय शर्मा दीप,कु.स्नेहल यादव,रजनी साहू,अंजनी कुमार द्विवेदी,पंकज तिवारी,श्रीधर मिश्र,रेखा तिवारी,एड.राजीव मिश्र,आर जे आरती सइयाजी रहीं|सभी कवि कवयित्रियों ने एक से बढ़कर एक ज्वलंत समसामयिक मुद्दों पर अपने बिचार रखें|
मुख्य अतिथि आदरणीय सागर त्रिपाठी जी ने सबका उत्साह वर्धन किया|संस्था के कार्य की भूरि भूरि प्रशंसा की|प्रमोद कुमार कुश तन्हा जी ने भी खूब उत्साह बढ़ाया|हौंसिला प्रसाद अन्वेषी जी ने भी संस्था द्वारा हिन्दी के विकास के लिए किये जा रहे कार्य की सराहना करते हुए संस्था के व कवि कवयित्रियों के उज्जवल भविष्य की कामना की|अपने अध्यक्षीय भाषण में आदरणीय डॉ श्रीहरि वाणी जी ने एक एक कवि कवयित्रियों की रचनाओं पर प्रकाश डालते हुए आयोजन की सराहना की और कहा,ऐसे आयोजन सतत होते रहने चाहिए|ऐसे ही छोटै छोटे प्रयास एक दिन हिन्दी को अपना उचित स्थान राष्ट्र भाषा का दर्जा दिलाने में मील का पत्थर साबित होंगे|अंत संस्था के संस्थापक व अध्यक्ष पं.शिवप्रकाश जौनपुरी जी ने सभी सुधीजनों का आभार प्रकट करते हुए वंदन अभिनंदन किया|

“धरती से अम्बर तक हमने देख लिया, माँ के जैसा कोई पीर-फकीर नहीं – हिंदी साहित्य सेवा डॉट कॉम कवि सम्मेलन”

हिंदी साहित्य डॉट कॉम (हिंदी साहित्य सेवा मंच) द्वारा हिंदी दिवस (१४ सितंबर २०२०) के उपलक्ष्य में आयोजित की गयी प्रतियोगिता में रचनाकारों/साहित्यकारों ने बढ़चढ़कर भाग लिया| रचनाओं (कविता/ग़ज़ल/गीत) का आमंत्रण १ जुलाई से ३१ अगस्त के बीच हुआ जिसमे ४५६ प्रतिभागियों ने अपनी रचनाएँ मेल द्वारा हिंदी साहित्य सेवा डॉट कॉम पर भेजीं| इस काव्य प्रतियोगिता में हिंदी साहित्य सेवा डॉट कॉम (मंच) द्वारा रचनाकारों से कोई भी शुल्क नहीं लिया गया था| इस प्रतियोगिता के लिए प्रथम पुरस्कार-₹२१०० एवं प्रशस्ति पत्र, द्वितीय पुरस्कार-₹११०० एवं प्रशस्ति पत्र, तृतीय पुरस्कार-₹५५१ एवं प्रशस्ति पत्र, चतुर्थ पुरस्कार-₹२५१ एवं प्रशस्ति पत्र, पंचम पुरस्कार-₹१५१ एवं प्रशस्ति पत्र घोषित था तथा पहले पचास स्थान पर आए रचनाकारों को प्रशस्ति पत्र से सम्मानित करने की घोषणा हिंदी साहित्य सेवा डॉट कॉम द्वारा की गयी थी|
पहले पाँच स्थान पर रचनाकारों के नाम और पुरस्कार निम्नलिखित है –
(१) डॉ. शोभा श्रीवास्तव, राजनांदगांव, छत्तीसगढ़ (प्रथम पुरस्कार – ₹२१००, एवं प्रशस्ति पत्र)
(२) शिव प्रताप सिंह “सूर्य”, फतेहपुर, उत्तरप्रदेश (द्वितीय पुरस्कार – ₹११००, एवं प्रशस्ति पत्र)
(३) शैलेन्द्र ‘असीम’, कुशीनगर, उत्तरप्रदेश (तृतीय पुरस्कार – ₹५५१, एवं प्रशस्ति पत्र)
(४) ब्रह्म स्वरूप मिश्र “ब्रह्म”, शाहजहांपुर, उत्तरप्रदेश (चतुर्थ पुरस्कार – ₹२५१, एवं प्रशस्ति पत्र)
(५) मंजू गुप्ता, नवीमुंबई, महाराष्ट्र (पंचम पुरस्कार – ₹१५१, एवं प्रशस्ति पत्र)

हिंदी दिवस १४ सितंबर २०२० को हिंदी साहित्य सेवा डॉट कॉम (हिंदी साहित्य सेवा मंच) द्वारा इस प्रतियोगिता में पहले पांच स्थानों पर आए रचनाकारों के लिए एक ऑनलाइन कवि सम्मेलन का आयोजन किया गया जिसका संचालन हिंदी साहित्य सेवा डॉट कॉम के संचालक कवि/गीतकार बीरेन्द्र कुमार यादव जी ने किया एवं कार्यक्रम की अध्यक्षता वरिष्ठ साहित्यकार शिव प्रताप सिंह ‘सूर्य’ जी ने की| सचांलक बीरेन्द्र कुमार यादव जी द्वारा साहित्यकारों के परिचय के बाद कार्यक्रम की शुरुवात रचनाकार डॉ. मंजू गुप्ता जी ने प्रज्वलित करके की फिर उन्होंने सरस्वती वंदना की | सभी साहित्यकारों ने प्रतियोगिता में भेजी अपनी एक रचना पढ़ी और उसके अलावा मुक्तक, छंदो और ग़ज़लों से कार्यक्रम को शानदार बना दिया| शाहजहांपुर उत्तरप्रदेश से कवि ब्रह्म स्वरूप मिश्र ‘ब्रह्म’ जी ने गीत “हिमशिखरों से चली नदी एक मृदु जल का अभिमान लिए” सुनाकर सभी का मन मोह लिया इस रचना द्वारा उन्होंने नदी को वर्तमान पीढ़ी को एक संदेश देने के लिए चुना और बताने का प्रयास किया कि आजादी के नाम पर लोग क्या खो देते हैं। कुशीनगर उत्तरप्रदेश के शैलेन्द्र असीम जी ने अपनी मधुर आवाज़ में ग़ज़ल “बादल चन्दा तितली फूल समीर नहीं, तुमसे सुन्दर दुनिया की तस्वीर नहीं” सुनाई जिसे सुनकर सभी साहित्यप्रेमियों ने जो ऑनलाइन जुड़े थे उन्होंने भरपूर कमेंट दिए | नवी मुंबई महाराष्ट्र से उपस्थित साहित्यकार डॉ. मंजू गुप्ता जी ने अपनी ग़ज़ल “खुदा के नूर – सी रोशन हमेशा घर सजाये माँ, मकानों को मुहब्बत से हमेशा घर बनाये माँ” सुनाकर माँ की महिमा को बताया| नेटवर्क की समस्या की वजह से दो साहित्यकारों छत्तीसगढ़ से डॉ. शोभा श्रीवास्तव जी और फतेहपुर उत्तरप्रदेश से श्री शिव प्रताप सिंह “सूर्य” जी का संपर्क टूट गया और साहित्य प्रेमियों को उनके काव्यपाठ का आनंद नहीं मिल पाया| शैलेन्द्र असीम जी के आमंत्रण पर कार्यक्रम के संचालक गीतकार बीरेन्द्र कुमार यादव जी ने अपना गीत “आईना दिखा रहा हमे, कौन सी उसे सज़ा मिले” सुनाया जिसे सुनकर कमेंट्स के माध्यम से सभी साहित्यप्रेमियों ने उन्हें भरपूर प्यार दिया| अंत में बीरेन्द्र जी ने सभी साहित्यकारों और जुड़े साहित्यप्रेमियों का आभार व्यक्त किया और कार्यक्रम समापन की घोषणा की|

परिणाम घोषित

परिणाम घोषित – हिंदी दिवस के उपलक्ष्य में आयोजित काव्य प्रतियोगिता

www.hindisahityaseva.com/प्रतियोगिता/

हिंदी साहित्य डॉट कॉम (हिंदी साहित्य सेवा मंच) द्वारा हिंदी दिवस (१४ सितंबर २०२०) के उपलक्ष्य में आयोजित की गयी प्रतियोगिता में रचनाकारों/साहित्यकारों ने बढ़चढ़कर भाग लिया| रचनाओं (कविता/ग़ज़ल/गीत) का आमंत्रण १ जुलाई से ३१ अगस्त के बीच हुआ जिसमे ४५६ प्रतिभागियों ने अपनी रचनाएँ मेल द्वारा हिंदी साहित्य सेवा डॉट कॉम पर भेजीं| इस काव्य प्रतियोगिता में हिंदी साहित्य सेवा डॉट कॉम (मंच) द्वारा रचनाकारों से कोई भी शुल्क नहीं लिया गया था| इस प्रतियोगिता के लिए प्रथम पुरस्कार-₹२१०० एवं प्रशस्ति पत्र, द्वितीय पुरस्कार-₹११०० एवं प्रशस्ति पत्र, तृतीय पुरस्कार-₹५५१ एवं प्रशस्ति पत्र, चतुर्थ पुरस्कार-₹२५१ एवं प्रशस्ति पत्र, पंचम पुरस्कार-₹१५१ एवं प्रशस्ति पत्र घोषित था तथा पहले पचास स्थान पर आए रचनाकारों को प्रशस्ति पत्र से सम्मानित करने की घोषणा हिंदी साहित्य सेवा डॉट कॉम द्वारा की गयी थी|

पहले पाँच स्थान पर रचनाकारों के नाम और पुरस्कार निम्नलिखित है –

(१) डॉ. शोभा श्रीवास्तव, राजनांदगांव, छत्तीसगढ़ (प्रथम पुरस्कार – ₹२१००, एवं प्रशस्ति पत्र)

(२) शिव प्रताप सिंह “सूर्य”, फतेहपुर, उत्तरप्रदेश (द्वितीय पुरस्कार – ₹११००, एवं प्रशस्ति पत्र)

(३) शैलेन्द्र ‘असीम’, कुशीनगर, उत्तरप्रदेश (तृतीय पुरस्कार – ₹५५१, एवं प्रशस्ति पत्र)

(४) ब्रह्म स्वरूप मिश्र “ब्रह्म”, शाहजहांपुर, उत्तरप्रदेश (चतुर्थ पुरस्कार – ₹२५१, एवं प्रशस्ति पत्र)

(५) मंजू गुप्ता, नवीमुंबई, महाराष्ट्र (पंचम पुरस्कार – ₹१५१, एवं प्रशस्ति पत्र)

पहले पचास स्थान पर आए रचनाकार जिनको प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया गया है –

(६) डॉ० विजयानन्द, प्रयागराज, उत्तरप्रदेश (पुरस्कार – प्रशस्ति पत्र)

(७) राजीव नामदेव ‘‘राना लिधौरी’ टीकमगढ़, मध्यप्रदेश (पुरस्कार – प्रशस्ति पत्र)

(८) मंजू भारती फौजदार, अलीगढ़, उत्तर प्रदेश (पुरस्कार – प्रशस्ति पत्र)

(९) गोपेंद्र कुमार सिन्हा “गौतम”, औरंगाबाद, बिहार (पुरस्कार – प्रशस्ति पत्र)

(१०) निशान्त मिश्र, कानपुर, उत्तरप्रदेश (पुरस्कार – प्रशस्ति पत्र)

(११) प्रज्ञा गुप्ता, बाँसवाड़ा, राजस्थान (पुरस्कार – प्रशस्ति पत्र)

(१२) राजीव रंजन, गया, बिहार (पुरस्कार – प्रशस्ति पत्र)

(१३) नेहा जैन, ललितपुर, उत्तर प्रदेश (पुरस्कार – प्रशस्ति पत्र)

(१४) प्रभात मिश्र “शाश्वत प्रभात”, शाहजहांपुर, उत्तर प्रदेश (पुरस्कार – प्रशस्ति पत्र)

(१५) साहिल कुमार, हिसार, हरियाणा (पुरस्कार – प्रशस्ति पत्र)

(१६) उर्मिला शर्मा हज़ारीबाग,झारखण्ड (पुरस्कार – प्रशस्ति पत्र)

(१७) कुमार जितेन्द्र “जीत”, बाड़मेर, राजस्थान (पुरस्कार – प्रशस्ति पत्र)

(१८) बृजेश राय, गोरखपुर, उत्तरप्रदेश (पुरस्कार – प्रशस्ति पत्र)

(१९) महेन्द्र सिंह माली ‘कटारिया’, सीकर, राजस्थान (पुरस्कार – प्रशस्ति पत्र)

(२०) जयन्ती उपाध्याय, देहरादून (पुरस्कार – प्रशस्ति पत्र)

(२१) श्याम निर्मोही, बीकानेर, राजस्थान (पुरस्कार – प्रशस्ति पत्र)

(२२) हर्षित शुक्ला, बहराइच, उत्तरप्रदेश (पुरस्कार – प्रशस्ति पत्र)

(२३) अनिता मोहन, वाराणसी, उत्तरप्रदेश (पुरस्कार – प्रशस्ति पत्र)

(२४) मधु तिवारी, कोंडागांव, छत्तीसगढ़ (पुरस्कार – प्रशस्ति पत्र)

(२५) निखिल कुमार, पूर्णिया, बिहार (पुरस्कार – प्रशस्ति पत्र)

(२६) अनिल कुमार जसवाल, ऊना, हिमाचल प्रदेश (पुरस्कार – प्रशस्ति पत्र)

(२७) अरुण गुप्ता, बदायूँ, उत्तर प्रदेश (पुरस्कार – प्रशस्ति पत्र)

(२८) सन्दीप चौबारा, फतेहाबाद, हरियाणा (पुरस्कार – प्रशस्ति पत्र)

(२९) गौरी कनोजे, नागपुर, महाराष्ट्र (पुरस्कार – प्रशस्ति पत्र)

(३०) दीपक अग्रवाल, सिवनी, मध्यप्रदेश (पुरस्कार – प्रशस्ति पत्र)

(३१) विशाल, गाजियाबाद, उत्तरप्रदेश (पुरस्कार – प्रशस्ति पत्र)

(३२) सागर चौधरी, नासिक, महाराष्ट्र (पुरस्कार – प्रशस्ति पत्र)

(३३) प्रकाश कुमार खोवाल, सीकर, राजस्थान (पुरस्कार – प्रशस्ति पत्र)

(३४) पूनम सोनकर (पुरस्कार – प्रशस्ति पत्र)

(३५) प्रसून मिश्र, सीतापुर, उत्तरप्रदेश (पुरस्कार – प्रशस्ति पत्र)

(३६) लवकुश कुमार तिवारी, रोहतास, बिहार (पुरस्कार – प्रशस्ति पत्र)

(३७) शालिनी सौरभ (पुरस्कार – प्रशस्ति पत्र)

(३८) अंजलि रजक, हावड़ा (पुरस्कार – प्रशस्ति पत्र)

(३९) उत्तीर्णा धर, फरक्का, पश्चिम बंगाल (पुरस्कार – प्रशस्ति पत्र)

(४०) अर्चना जोशी, भोपाल, मध्यप्रदेश (पुरस्कार – प्रशस्ति पत्र)

(४१) ललिता पाण्डेय, दिल्ली (पुरस्कार – प्रशस्ति पत्र)

(४२) डॉ. अल्पना शर्मा, सरदारशहर, चुरू (पुरस्कार – प्रशस्ति पत्र)

(४३) बजरंगी लाल, दीदारगंज, आजमगढ़ (पुरस्कार – प्रशस्ति पत्र)

(४४) रामबाबु सोलंकी, खरगोन, मध्यप्रदेश (पुरस्कार – प्रशस्ति पत्र)

(४५) भावना सरोज, मुरादाबाद, उत्तरप्रदेश (पुरस्कार – प्रशस्ति पत्र)

(४६) गौरव मिश्रा, कानपुर, उत्तरप्रदेश (पुरस्कार – प्रशस्ति पत्र)

(४७) प्रवीन कुमार, रेवाड़ी, हरियाणा (पुरस्कार – प्रशस्ति पत्र)

(४८) रोहित प्रसाद “पथिक” आसनसोल, पश्चिम बंगाल (पुरस्कार – प्रशस्ति पत्र)

(४९) रेखा पारंगी बिसलपुर, पाली, राजस्थान (पुरस्कार – प्रशस्ति पत्र)

(५०) राजेश, कानपुर, उत्तरप्रदेश (पुरस्कार – प्रशस्ति पत्र)

सभी पुरस्कार इलेट्रॉनिक माध्यम से ट्रांसफर किये जाएंगे, विजयी रचनाकारों (पहले पांच) से अनुरोध है कि पुरस्कार राशि के लिए hindisahityaseva@gmail.com पर संपर्क करें| सभी रचनाकारों को हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएँ|

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संस्था काव्यसृजन की 90वीं व पाँचवीं ऑनलाइन काव्य-गोष्ठी

साहित्यिक ,सामाजिक व सांस्कृतिक संस्था काव्यसृजन की 90वीं व पाँचवीं ऑनलाइन काव्य-गोष्ठी दिनाँक 6सितम्बर 2020 दिन रविवार को आदरणीय श्री- श्रीधर मिश्रा की अध्यक्षता व संस्थापक पंडित शिवप्रकाश जौनपुरी जी के मार्गदर्शन में सम्पन्न हुई। आज की इस गोष्ठी की अध्यक्षता आदरणीय श्री श्रीधर मिश्र जी ने की। कार्यक्रम का कुशल संचालन  दिल्ली इकाई के अध्यक्ष पंकज तिवारी जी ने किया|कार्यक्रम के मुख्य अतिथि पं.किशन तिवारी जी मध्यप्रदेश से थे। संस्था के संस्थापक श्री जौनपुरी जी की पहल पर शुरू की गई इस ऑनलाइन काव्यगोष्ठी में काव्यपाठ करने वाले कवियों में सर्व श्री शिवप्रकाश जौनपुरी, शालिनी शरल,इंदू मिश्रा,सुमन तिवारी,मंजू गुप्ता,सुमित्रा गुप्ता सखी ,दिवाकर वैसम्पायन, सौरभ दत्ता जयंत, मिल्टन राय,उपसचिव अवधेश यदुवंशी,व पंकज तिवारी (दिल्ली)अश्विनी उम्मीद,रश्मिलता मिश्रा,वैशाली सिंह,रेखा तिवारी,डॉ रश्मि नायर डॉ संगीता शर्मा अधिकारी,मिथिलेश गुप्त हर्ष,कु.स्नेहल यादव,रेखा पाण्डेय,विजया तिवारी,सुधीर सिंह सुधीर,डॉ रामनाथ राना,बंदना गुप्ता,डॉ शैलबाला अग्रवाल,किशन तिवारी,कैलाश जोशी,गोपाल गुप्त दहली आदि रहे।अध्यक्षीय उदबोधन में श्री श्रीधर मिश्र जी ने आशीर्वाद के रूप में दो शब्द कहकर हम सबका उत्साहवर्धन किया, और अपना स्नेहाशीष प्रदान किया। कार्यक्रम के अध्यक्ष ने सभी कवियों की रचनाओं की समीक्षा भी की। आदरणीय जौनपुरी जी ने काव्यसृजन परिवार की सफलता  के लिए अपने परिवार के सभी सदस्यों के समर्पण व कर्तव्यनिष्ठा के प्रति अपनी कृतज्ञता ज्ञापित करते हुए सभी के प्रति आभार व्यक्त किया। आखिर में संस्था के उपकोषाध्यक्ष महेश गुप्त जौनपुरी जी ने कार्यक्रम में आये हुए सभी अतिथियों, कवियों,श्रोताओं व सहयोगियों  के प्रति हृदय से आभार  ज्ञापित किया।

https://www.youtube.com/playlist?list=PLYnFz2KkIJk02sGeA0gW1P3v2vVeK7mpC

आनलाइन काव्यगोष्ठी सम्पन्न

रा.संस्था काव्यसृजन महिला मंच(महाराष्ट्र इकाई) की प्रथम आनलाइन काव्यगोष्ठी मुख्यअतिथि डॉ.सौ.संगीता शर्मा अधिकारी (रा.अध्यक्षा क.म.मं.)की उपस्थिती  में सौ.सुमन तिवारी (महासचिव महिला मंच)की अध्यक्षता व सौ.डॉ.वर्षा सिंह के कुशल संचालन व संयोजन में देश विदेश के कवि कवयित्रियों ने दमदार उपस्थिति दर्ज कराई|          जहाँ दिल्ली से सौ.डॉ.संगीता शर्मा अधिकारी जी थी तो जापान से सौ.रमा शर्मा जी ने अपनी रचना के साथ उपस्थित रहीं|इसी तर देश के अन्य शहरों से कवि श्री राजेश कुमार,प्रा.अंजनी कुमार द्विवेदी,शिवेन्द्र कौशिक,पं.शिवप्रकाश जौनपुरी,सौ.अनुपमा तिवारी,हनी पटेल,सरिता चौबे,रजनी साहू,कु.कृष्णा तिवारी जी ने अपनी बेहतरीन रचनायें प्रस्तुत कर लोगों को भाव विभोर कर दिया|        मुख्य अतिथि सौ.डॉ.संगीता शर्मा अधिकारी जी ने आयोजक मंडल की सराहना की और साधुवाद दिया|व रचनाकारों की भूरि भूरि प्रशंसा करते हुए उत्साह वर्धन किया|अपने अध्यक्षीय भाषण में सौ.सुमन तिवारी जी ने सभी रचनाकारों की रचना पर संक्षिप्त प्रकाश डाला और अपनी सुरीली आवाज में सुन्दर रचना प्रस्तुत कर सबका मन मोह लिया|अंत में सौ.इंदू मिश्रा जी (अध्यक्षा का.म.मं.म.इकाई)ने सभी कवि कवयित्रियों का आभार प्रकट करते हुए सहयोग बनाये रखने की अपील की|

|काव्यसृजन की 88 वीं व चौथी ऑनलाइन मासिक काव्यगोष्ठी व शहीदों की श्रद्धांजलि सभा सम्पन्न|

साहित्यिक ,सामाजिक व सांस्कृतिक संस्था काव्यसृजन की 88 वीं व चौथी ऑनलाइन काव्य-गोष्ठी दिनाँक 5 जुलाई 2020 दिन रविवार को आदरणीय श्री- श्रीधर मिश्रा की अध्यक्षता व संस्थापक पंडित शिवप्रकाश जौनपुरी जी के मार्गदर्शन में सम्पन्न हुई। आज की इस गोष्ठी की अध्यक्षता आदरणीय श्री श्रीधर मिश्र जी ने की। कार्यक्रम का कुशल संचालन संस्था के महासचिव श्री लाल बहादुर यादव कमल जी ने किया|कार्यक्रम के मुख्य अतिथि मशहूर गीत व ग़ज़लकार श्री प्रमोद कुमार कुश तनहा जी थे। संस्था के संस्थापक श्री जौनपुरी जी की पहल पर शुरू की गई इस ऑनलाइन काव्यगोष्ठी में काव्यपाठ करने वाले कवियों में सर्व श्री शिवप्रकाश जौनपुरी जी ,कोषाध्यक्ष श्री बीरेन्द्र कुमार यादव जी, संगीता पाण्डेय जी,डॉ वर्षा सिंह जी,इंदू मिश्रा जी,सुमन तिवारी जी,मंजू गुप्ता जी,पूनम तिवारी वनांचली जी,सुमित्रा गुप्ता सखी जी,
नीलिमा दूबे पाण्डेय जी, रजनी साहू जी,नीतू पाण्डेय क्रांति जी,दिवाकर वैसम्पायन जी, हसरत हुसैन जौनपुरी जी, सौरभ दत्ता जयंत जी, रजनीश प्रजापति जी,विजय कुमार अग्रवाल जी, मिल्टन राय जी ,प्रेमनरायण शर्मा जी,उपसचिव अवधेश यदुवंशी जी,प्रमोद कुमार कुश तनहा जी व पंकज तिवारी जी (दिल्ली) आदि रहे।
अध्यक्षीय उदबोधन में श्री श्रीधर मिश्र जी ने आशीर्वाद के रूप में दो शब्द कहकर हम सबका उत्साहवर्धन किया, और अपना स्नेहाशीष प्रदान किया। कार्यक्रम के अध्यक्ष ने सभी कवियों की रचनाओं की समीक्षा भी की। आदरणीय जौनपुरी जी ने काव्यसृजन परिवार की सफलता के लिए अपने परिवार के सभी सदस्यों के समर्पण व कर्तव्यनिष्ठा के प्रति अपनी कृतज्ञता ज्ञापित करते हुए सभी के प्रति आभार व्यक्त किया। आखिर में संस्था के उपकोषाध्यक्ष महेश गुप्त जौनपुरी जीने कार्यक्रम में आये हुए सभी अतिथियों, कवियों,श्रोताओं व सहयोगियों के प्रति हृदय से आभार ज्ञापित किया। कार्यक्रम के अवसान के अवसर पर संस्था की तरफ से गलवान घाटी व कानपुर हमले में शहीद हुए जवानों को भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की गई तथा सम्पूर्ण विश्व से कोरोना नामक महामारी के खात्मे के लिए ईश्वर से प्रार्थना की गई।अंत में राष्ट्रगान के साथ काव्यसृजन की यह ऑनलाइन काव्य गोष्ठी सम्पन्न हुई।

रिपोर्ट : अंजनी कुमार द्विवेदी
कार्याध्यक्ष

काव्य प्रतियोगिता

योग हमारी संस्कृति का हिस्सा है और २१ जून को पूरा विश्व योग दिवस के रूप में मनाता है | योग दिवस के उपलक्ष्य में हिंदी साहित्य सेवा मंच के द्वारा देश के सभी कवियों/रचनाकारों के लिए एक काव्य प्रतियोगिता का आयोजन किया गया है| आप १० से २० पंक्तियों की कविता लिखें और हमें १८ जून तक मेल आयडी hindisahityaseva@gmail.com पर भेज दें | रचना मौलिक तथा किसी और पत्र/पत्रिका/संस्था द्वारा प्रकाशित नहीं होनी चाहिए| रचनाएं छंद या छंद मुक्त दोनों आमंत्रित हैं, जो रचनाएं छंद विधा में लिखी होंगी उन्हें प्राथमिकता दी जायेगी| यदि रचना छंद युक्त है तो उस छंद का उल्लेख करें | रचनाकार अपनी रचना के साथ अपना जीवन परिचय, एक फोटो एवं मोबाइल नंबर भी मेल करें| पहले तीन स्थान पर आये कवियों/रचनाकारों को निश्चित की गयी पुरस्कार राशि काव्यपाठ के पश्चात ऑनलाइन ट्रांसफर द्वारा भेज दी जायेगी एवं सम्मान पत्र उनके दिए मेल आयडी एवं व्हाट्सप्प पर भेज दिए जाएंगे| पुरस्कृत रचनाकारों का काव्यपाठ २१ जून २०२० को ऑनलाइन हिंदी साहित्य सेवा मंच के फेसबुक पेज से लाइव होगा | रचनाओं का प्रकाशन हिंदी साहित्य सेवा डॉट कॉम पर किया जाएगा|
रचनाओं का आमंत्रण – १२ जून से १८ जून २०२०
परिणाम एवं काव्य पाठ – २१ जून २०२० अंतरराष्ट्रीय योग दिवस
हिंदी साहित्य सेवा मंच द्वारा घोषित परिणाम सभी को मान्य होंगे और नियमो में परिवर्तन का अधिकार हिंदी साहित्य सेवा मंच के पास सुरक्षित है|

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काव्यसृजन की पहली ऑनलाइन व ८५ वीं काव्यगोष्ठी सम्पन्न

दिनांक 5 अप्रैल 2020  को  काव्यसृजन के संस्थापक पंडित शिवप्रकाश जौनपुरी जी की सलाह पर साहित्यिक सामाजिक व सांस्कृतिक संस्था काव्यसृजन की पहली ऑनलाइन गोष्ठी का आयोजन किया गया।  इसमें परिवार के बहुत से कवि कवयित्रियों ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया और सभी ने अपनी-अपनी रचनाओं का काव्यपाठ करके वीडियो परिवार के पटल पर भेजा। कुल मिलाकर लगभग 25 के ऊपर प्रतिभागियों ने इस ऑनलाइन काव्य गोष्ठी में भाग लेकर अपनी-अपनी उपस्थिति दर्ज कराई। साथ-ही-साथ संस्था के ज्यादातर पदाधिकारियों ने भी बड़े जोशो-खरोश के साथ अपनी उपस्थिति दर्ज कराई। ऑनलाइन काव्यगोष्ठी में काव्यपाठ करने वाले कवियों में संस्थापक पंडित शिवप्रकाश जौनपुरी जी,महासचिव लालबहादुर यादव *कमल* जी, कोषाध्यक्ष बीरेंद्र कुमार यादव जी,उपाध्यक्ष श्री – श्रीधर मिश्रा जी,कार्याध्यक्ष प्रा.अंजनी कुमार द्वेदी जी,उपकोषाध्यक्ष अवधेश यदुवंशी जी,राजेन्द्र प्रसाद पाण्डेय जी,सदाशिव चतुर्वेदी जी,अनिल कुमार *राही जी*,एड. राजीव मिश्रा जी,श्रीनाथ शर्मा जी,सौरभ दत्ता *जयंत जी* दिवाकर वैशम्पायन जी,पंकज तिवारी जी (दिल्ली), अमित दुबे जी,श्रीमती-इंदू मिश्रा जी,बॉलीवुड लेखिका सुश्री नीतू पाण्डेय  *क्रांति जी*, श्रीमती शालू मिश्रा जी,श्रीमती – ममता यादव जी, अभिनेत्री श्रुति भट्टाचार्य जी,प्रज्ञा राय जी,आ0 पूजा नाखरे जी आदि प्रमुख रहे। सभी रचनाकारों ने कोरोना को केंद्रीय विषय बनाते हुए तथा कोरोना को विशेष रूप से इंगित करते हुए अपनी-अपनी रचनाएँ पढ़ी|काव्यसृजन परिवार की तरफ से कोरोना नामक महामारी से बचाव के लिए मास्क पहनने, सोशल डिस्टेनसिंग का पालन करने, साफ-सफाई पर विशेष ध्यान देने तथा लोगों से बेवजह ,बिना काम के बाहर न निकलने की अपील भी की गई। तथा माननीय प्रधानमंत्री द्वारा दिए गए निर्देशों का पालन करने की बात कही गई। काव्यसृजन परिवार के सभी पदाधिकारियों की तरफ से व काव्यसृजन परिवार की तरफ से इस कोरोना नामक महामारी से सम्पूर्ण विश्व की जल्द-से-जल्द मुक्ति के लिए ईश्वर से प्रार्थना की गई।  कार्यक्रम संपन्न होने के बाद संस्था के संथापक पंडित शिवप्रकाश जौनपुरी जी ने पटल पर ही लिखित शब्दों में सभी के प्रति हृदय से आभार ज्ञापित किया,तथा इस महामारी से मृत हुए विश्व के समस्त लोगों को व हमारे परिवार के सदस्य निर्मल नदीम जी की दिवंगत माता जी को काव्यसृजन परिवार की तरफ से भावभीनी श्रद्धांजलि दी गई व सभी को श्रद्धासुमन अर्पित किया गया। इस तरह से काव्यसृजन परिवार की पहली ऑनलाइन व कुल मिलाकर ८५ वीं गोष्ठी बड़ी सफलता के साथ सम्पन्न हुई। 
*रिपोर्ट : अंजनी कुमार द्विवेदी**कार्याध्यक्ष काव्यसृजन परिवार*

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हौसिला प्रसाद “अन्वेषी” जी को “काव्यसृजन रत्नाकर” सम्मान व काव्यसृजन का “होली स्नेह मिलन समारोह” संपन्न

साहित्यिक ,सामाजिक व सांस्कृतिक संस्था काव्यसृजन का होली स्नेह-मिलन व सम्मान समारोह  दिनांक 15 मार्च 2020 दिन रविवार को कमलेश पाण्डेय मेमोरियल स्कूल 90 फीट रोड साकीनाका,मुम्बई में सम्पन्न हुआ। होली स्नेह- मिलन व सम्मान समारोह/ इस कार्यक्रम की अध्यक्षता आदरणीय श्री हरि वाणी जी ने की। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि भोपाल से पधारे आदरणीय श्री मुकेश कबीर जी थे। सभी अतिथियों ने मिलकर सरस्वती पूजन व दीप प्रज्वलन कर कार्यक्रम की शुरुआत की

प्रथम सत्र
 कार्यक्रम का शुभारंभ संस्थापक श्री जौनपुरी जी के द्वारा सरस्वती वंदना * विनती करूँ तोंसे भाई शारदा,मंदिर में तोहरे आई*से हुआ। कार्यक्रम का कुशल संचालन संस्था के कार्याध्यक्ष प्रो0अंजनी कुमार द्विवेदी जी ने किया। काव्यपाठ करने वाले कवियों में श्री-राजेन्द्र प्रसाद पाण्डेय,सौरभ दत्ता, हौंसिला अन्वेषी,मुकेश कबीर,अरुण मिश्र अनुरागी , आशीष राज, रीतेश गौड़, सुरेश सरोज,श्रीनाथ शर्मा,अवधेश यदुवंशी,अनिल राही,एड.राजीव मिश्रा,प्रज्ञा राय,रमेश श्रीवास्तव, श्रीराम शर्मा , महेश गुप्ता जौनपुरी , रामस्वरूप साहू, अभिलाज, इंदू मिश्रा,सुमन तिवारी , गायत्री साहू ,पूनम खत्री , लालबहादुर यादव *कमल*,हीरालाल यादव , शिवप्रकाश जौनपुरी , संचालक- अंजनी कुमार द्विवेदी , बीरेन्द्र कुमार यादव , राजेश दुबे *अल्हड़ असरदार जी,आर.जे.आरती सैया, स्नेहल यादव ,कोमल यादव,राजेश राज,संदीप प्रजापति,श्रीधर मिश्रा, ज़ाकिर हुसैन *रहबर* रेशमा शेख ,नताशा गिरी,संगीता पाण्डेय जी,फूलचंद यादव , लालमणि यादव श्याम अचल प्रियात्मीय आदि प्रमुख रहे।होली गीत फगुला चउताल से सराबोर आयोजन में सभी उपस्थित श्रोतागण खूब झूमे व आनंदित हुए|

  कार्यक्रम के दूसरे सत्र में काव्यसृजन के विविध सम्मानों से सम्मानित सम्मान मूर्तियों का सम्मान किया गया।इस सत्र का संचालन आ0 जौनपुरी जी ने किया जिसके तहत हौंसिला अन्वेषी जी को काव्यसृजन रत्नाकर सम्मान , श्रीनाथ शर्मा जी को साहित्य-रत्न समान, अल्हड़  असरदार जी को युवा साहित्य रत्न सम्मान, महिला साहित्य रत्न,सौ. सुमन तिवारी जी को,बाल साहित्य-रत्न कु.कृष्णा तिवारी जी को नीतू पाण्डेय क्रांति जी को ललित साहित्य रत्न ,गायत्री साहू जी को साहित्य श्री रत्न,अरुण अनुरागी जी को अमर ज्योति सम्मान,स्व.मूलचंद निहलानी जी को मरणोपरांत साहित्य सेवी सम्मान (मरणोपरांत) ,धीरज पाण्डेय जी को भारत-भारती सम्मान, सुरेंद्र मिश्रा जी को समाज रत्न सम्मान,पूरनमल यादव जी को सेवाभावी सम्मान से विभूषित किया गया|       

उपरोक्त सम्मानित विभूतियों/ अतिथियों को स्मृति चिह्न , काव्यसृजन परिवार का दुपट्टा तुलसी का पौधा,कलम आदि देकर काव्यसृजन परिवार के सभी पदाधिकारियों ने मिलकर सम्मानित किया। कार्यक्रम में संस्था संचालक श्री मिथिलेश पाण्डेय जी का भी स्वागत व सम्मान किया गया। अपने स्वागत व्याख्यान में हौसिला अन्वेषी जी ने संस्था के प्रति आभार व्यक्त करते हुए सभी के प्रति धन्यवाद व कृतज्ञता ज्ञापित की तथा परिवार को बधाई व साधुवाद दिया। अपने अध्यक्षीय भाषण में आ0 श्री हरि वाणी जी ने एक सफल कार्यक्रम व होली स्नेह मिलन व सम्मान समारोह के आयोजन के लिए काव्यसृजन परिवार को बधाई दी व सभी कवियों के रचनाओं की समीक्षा की।  श्री हरि वाणी जी ने काव्यसृजन संस्था को हृदय से धन्यवाद देते हुए कहा कि मुझे इस परिवार में आने पर हरदम ही अपनापन व बहुत ही स्नेह मिलता रहा है। वे कार्यक्रम की सफलता पर अभिभूत व प्रसन्न थे।आ0हौसिला प्रसाद अन्वेषी जी,अनुरागी जी,मुकेश कबीर जी, सुरेंद्र मिश्रा जी व आ0 मिथिलेश पाण्डेय जी ने भी आशीर्वचन के रूप में दो शब्द कहे। आदरणीय जौनपुरी जी ने काव्यसृजन परिवार द्वारा आयोजित इस कार्यक्रम के सफल आयोजन के लिए अपने परिवार के सभी सदस्यों व पदाधिकारियों के प्रति अपनी कृतज्ञता ज्ञापित करते हुए सभी को बहुत-बहुत धन्यवाद व बधाई दी। बीच में गर्मा-गर्म चाय ,नमकीन व अंत में कार्यक्रम के विशेष पेय *उकाला* ने तो कार्यक्रम के आनन्द को दुगुना कर दिया। अंत में काव्यसृजन परिवार के महासचिव आदरणीय श्री कमल सर ने कार्यक्रम में आये हुए सभी अतिथियों, कवियों,श्रोताओं व सहयोगियों के प्रति हृदय से आभार प्रकट/ज्ञापित किया। कार्यक्रम के समापन सत्र में सभी लोगों ने एक दूसरे को अबीर- गुलाल लगाकर गले मिलकर होली की हार्दिक शुभकामनाएं व बधाइयाँ दी इस तरह से काव्यसृजन के एक सुखद व सफल आयोजन के साथ होली स्नेह मिलन का यह सुंदर कार्यक्रम संपन्न हुआ।