अशोक कुमार धमेंनियाँ ‘अशोक ‘

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जीवन परिचय:

नाम :-अशोक कुमार धमेंनियाँ ‘अशोक’

पिता का नाम :-स्वर्गीय श्री जैतराम धमेंनियाँ ‘जैत’

जन्म तिथि :-22 मई ,1955

जन्म स्थान : झांसी (उत्तर प्रदेश)

स्थाई निवासी: भोपाल( मध्य प्रदेश)

शैक्षणिक योग्यता:- स्नातकोत्तर (भौतिक विज्ञान), कानपुर विश्वविद्यालय ,कानपुर।

संप्रति :-वरिष्ठ उप संचालक (मध्य प्रदेश खादी तथा ग्रामोद्योग बोर्ड ,भोपाल )पद से दिसंबर , 2015 में सेवानिवृत्त।

साहित्य सेवा:- लगभग 50 वर्ष से कविता लेखन कार्य में संलग्न।

प्रकाशित कृतियाँ :-
1:-‘बड़े बोल’ ( काव्यसंग्रह) 2:-‘मेरा उपवन'( काव्य संग्रह),
3:- ‘केवट गंगा ‘ (खंड काव्य)
टीप:- केवट गंगा (खंडकाव्य ) पूर्णत: घनाक्षरी छंदों में लिखा गया है , जिसमें 165 घनाक्षरी छंद है । कुछ विद्वानों के द्वारा कहा गया है कि यह पहला खंडकाव्य है ,जो घनाक्षरी छंदों में है ।
4:-‘लेखक वरिष्ठ साहित्यकार हैं ‘ (व्यंग्य एवं कहानी संग्रह )
5:- यात्रा वृतांत( गद्य संग्रह)
6:- चंद्र खिलौना (काव्य संग्रह), प्रकाशनाधीन
7:- लघुकथा संग्रह (प्रकाशनाधीन)
8:- बाल कविताएं (प्रकाशनाधीन)
9:- सहोदरी सोपान (सांझा संग्रह दिल्ली से )
10:-अभ्युदय काव्यमाला (सांझा संग्रह ,इंदौर से प्रकाशित) 11:- काव्य रत्नावली ,काव्य संग्रह (सांझा संग्रह ,जलगांव, महाराष्ट्र से प्रकाशित )

यात्राएं :-यात्रा वृतांत लेखन के लिए देशाटन और देश से बाहर श्रीलंका ,नेपाल तथा चीन की यात्रायें की गई।

प्राप्त सम्मान :- विभिन्न साहित्यिक संस्थाओं से अभी तक कुल 21 सम्मान प्राप्त , जिसमें ‘पवैया साहित्य कृति सम्मान ‘, ‘अमृत आदित्य साहित्य गौरव सम्मान’ जलगांव , (महाराष्ट्र ), ‘तुलसी छंद सम्मान’ , भोपाल, मध्य प्रदेश, ‘अटल साहित्य भूषण सम्मान’ ,’ बुंदेली साहित्य रत्न सम्मान’ मध्य प्रदेश, भाषा सहोदरी सम्मान (दिल्ली), ‘ साहित्य मार्तंड सम्मान’ ( दिल्ली ) ,गया प्रसाद खरे स्मृति साहित्य सम्मान , साहित्य प्रज्ञ सम्मान ( लखनऊ) आदि प्रमुख हैं ।

अन्य गतिविधियाँ :- संस्थापक अध्यक्ष :- जैत मंदिर, ‘धमेंनियाँ साहित्य एवं समाज सेवा संस्थान ,भोपाल’।
पूर्व अध्यक्ष :-अधिकारी संघ ,मध्य प्रदेश खादी तथा ग्रामोद्योग बोर्ड , भोपाल, मध्य प्रदेश।
उपाध्यक्ष :- ‘कला मंदिर’, भोपाल (प्राचीनतम साहित्यिक संस्था )
उपाध्यक्ष :-संपूर्ण सनातन ब्राह्मण महासभा, भोपाल (मध्य प्रदेश ), महानगर सनाढ्य ब्राह्मण समाज , भोपाल (मध्य प्रदेश ) एवं वरिष्ठ नागरिक मंच , अशोका गार्डन, भोपाल (मध्य प्रदेश)।
अन्य कई साहित्यिक संस्थाओं में सदस्यता/आजीवन सदस्यता।
विभागीय रूप से राष्ट्रीय और राज्यस्तरीय विभिन्न सेमिनारो का आयोजन और सहभागिता। ग्रामीण उद्यमियों को स्वयं का रोजगार स्थापित करने के लिए सलाहकार विशेषज्ञता।

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योग केन्द्र (कविता)

कुछ है कुछ था संस्कार में आओ रब को भज लें हम ,
योग साधना केंद्र में आकर प्रेम के बंधन सज लें हम।

क्यों सीने से लगा कर बैठे ,
मनहूसी वाली छाया तुम ।
हम तो सच्चे साथी तेरे ,
ज्यों माथे सजती कुमकुम ।

मधुरिम जीवन के पन्नों पर लिख दैं कुछ कुछ ग़ज़लें हम,
योग साधना केंद्र में आकर ……प्रेम के बंधन सज लें हम।

चुगलखोर मुँह देखी को ही ,
अपना मतिमान समझते ।
सद्भाव समर्पण नहीं दूर
तक, गुपचुप पैंतरे भरते ।

कुछ तो नैतिकता को पालें गुण आगर कुछ बज लें हम ,
योग साधना केंद्र में आकर… प्रेम के बंधन सजलें। हम ।

पूरब के होंगे कुछ रिश्ते ,
हम सब यहां मिले हैं ।
बड़े सवेरे इसीलिए तो ,
नैनो सह नैन मिले हैं ।

लिपट लिपट और चूम चूम कर रैकी से दुख तज लें हम ,
योग साधना केंद्र में आकर….. प्रेम के बंधन सजलें हम।