अजय कुमार मिश्र

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जीवन परिचय: अजय कुमार मिश्र का जन्म २९ अगस्त १९९२ मे उत्तर प्रदेश के बलिया जिले के एक छोटे से गांव हँसाईपुर मे किसान परिवार में हुआ| इनके पिता का नाम श्री मनोज कुमार मिश्र और माता का नाम श्रीमती सविता मिश्रा हैं इन्होने बीए तक सिक्षा प्राप्त की है|

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नमन हैं उन शहीदो को” 

नमन हैं उन शहीदो को जो किए नही अंग्रेजो के चरन बंदन
धिक्कार हैं माफी बिरो जो
कहते हो खुद को अभिनन्दन

शेर थे अभिनन्दन जो
पाकिस्तान का छक्का छुड़ाए
घर मे घुस कर मारे
सिना चौड़ा करके आए
पढो अपना इतिहास
तुम्हारा इतिहास कलंकित है
माफी बिरो तुम्हारे पूर्वजो का नाम
देश के दलाली मे अंकित है

तुम आज देश को देश भक्ति का पाठ पढ़ाते हो
चुपके से पाकिस्तान जाकर
खुद बिरयानी खाते हो
ईडी सीबीआई का धौंस दिखाकर
खुद की सरकार बनाते हो
झूठ बोलने मे ना हकलाते हो

अभि वक्त हैं संभल जाओ
सरकार तुम्हारा हैं
झूठ बोलकर तुमने
सच को ललकारा हैं
नही मानोगे तो
अपने कर्मो पर पछताओगे
याद रखना मोदी शाह
ईडी सीबीआई के पिंजरे मे
तुम भी फस जाओगे
तुम्हारे कर्मो का एक दिन फल निकले गा
आज नही तो कल हर मुश्किल का हल निकले गा । ——————————–२३ अगस्त २०१९ |

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अगर बहता हैं रक्त तो बहने दो
धारा 370 की दिवार को ढहने दो
आज वक्त हैं इस काम को वक्त पर होने दो
माना कि ये संकल्प सरकार तुम्हारा था
ये सपना पं जवाहर लाल नेहरु का पुराना था

अगर आज तुम चुक जाओगे
सच कहता हु पछताओगे
अभी नही तो कभी नही
370 उस वक्त लगाना सही
अब इस वक्त हटाना सही

370 लगाना उस समय वक्त का तकाजा था
370 लगा पं नेहरु जी ने भारत को काश्मीर नवाजा था
अगर ना लगाता 370 तो काश्मीर पाकिस्तान से पिस जाएगा
कहे पं नेहरु चिंता ना करो भारत वासियो
370 घिसते घिसते घिस जाएगा

अब समय आ गया है सम्भलो
वक्त सही है 370 बदलो
करोगे ये काम जय जय जय जयकार होगा
तुम्हारा अभिनन्दन सौ सौ सौ बार होगा

धन्यवाद इस सरकार का जो तुमने ये काम कर डाला
सही समय सही निर्णय से 370 बदल डाला आज हम बहुत खुश हैं नेहरु संग पुरे देश को सम्मान दिया 370 मुक्त काश्मीर पुरे देश को दान दिया | भारत माता की जय ----------------------------------- ०९ अगस्त २०१९ |

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” राख यु ही नही बनता ”

राख यु ही नही बनता,
करना पड़ता हैं,
बहुत कुछ खाक,
तब बनता हैं राख,

राख से ही बनता हैं भभूत,
उसके लिए जलाना पड़ता हैं धूप,
रूप भी जलता हैं आग में तो,
बनता हैं मणिकर्रणिका का भभूत

राख तोड़ता हैं इंसान का गुरुर
बतलाता हैं तुम कुछ भी नही
ना तेरा धन दौलत ना ही तेरा गुरुर
ये सब खाक हैं

तु आज आदमी हैं
कल तु भी राख हैं | ———- ०३ अगस्त २०१९ |

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